राष्ट्रीय
NTA को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप मोदी सरकार पर जवाबदेही की मांग तेज


कांग्रेस ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह द्वारा संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष दिए गए बयान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सरकार इसे गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज कर रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2018 में एनटीए के गठन के बाद से परीक्षा प्रणाली में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार और संबंधित संस्थान इन मामलों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने कहा कि यदि नीट-यूजी पेपर लीक नहीं हुआ तो फिर परीक्षा से पहले प्रश्नों के बाहर आने की घटनाओं को कैसे समझा जाए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नीट-यूजी 2024 में सामने आई अनियमितताओं के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसका परिणाम अब 2026 की स्थिति के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि अदालत में क्लोजर रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगने की स्थिति यह दर्शाती है कि जांच प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। कांग्रेस ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
जयराम रमेश ने कहा कि देश के लाखों छात्रों के लिए एनटीए अब ‘नेशनल ट्रॉमा एजेंसी’ बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में पेशेवर उत्कृष्टता की जगह राजनीतिक और वैचारिक प्राथमिकताएं हावी हो रही हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से छात्रों का भरोसा प्रणाली पर कमजोर हो रहा है।